आईएएस अफसर की पत्नी ने बदल दी 25 गरीब बच्चों की जिंदगी

आपने फिल्म हिचकी तो देखी ही होगी। जिसमें रानी मुखर्जी एक शिक्षिका का फर्ज निभाते हुए गरीब बच्चों को पढ़ाती हैं। लोगों ने भले ही ये फिल्म एक मनोरंजन की तरह देखी होगी लेकिन एक आईएएस अफसर की पत्नी ने इस फिल्म से प्रेरणा लेकर एक ऐसा काम किया, जिसको जानने के बाद हर कोई उनका मुरीद हो गया। उन्होंने गरीब बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी ली और उसे अब बखूबी निभा रही है।

भारत में आज भी कई बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें स्कूल जाना तो दूर दो समय का खाना तक नसीब नहीं होता है। ये बच्चे आपको ट्रैफिक सिग्नल, बाजारों में भीख मांगते, खिलौने बेचते, गाड़ी साफ करते नजर आ जाएंगे।

ऐसे ही बच्चों को पढ़ाने कि जिम्मेदारी उठाई है लखनऊ के आईएएस अफसर जितेन्द्र कुमार की पत्नी सीमा गुप्ता ने। वे 25 गरीब बच्चों को शिक्षित कर रही है। ये वो बच्चे हैं, जो सिग्नल पर खड़े होकर भीख मांगते हैं या गाडियों को साफ करके अपना पेट पालते हैं। इसमें से ज्यादातर बच्चे सड़कों पर ही रहते हैं।

एक न्यूज पोर्टल में छपी खबर के मुताबिक सीमा गुप्ता कहती हैं कि उन्हें सामाजिक काम करने के लिए एनजीओ खोलने की जरूरत महसूस नहीं होती है। उन्होंने अपने बंगले को ही स्कूल बना दिया है। यहां वह गरीब बच्चों को पढ़ाती हैं, उन्हें अच्छा खाना खिलाती हैं और कपड़ों की व्यवस्था भी करती है।

सीमा गुप्ता सुबह ब्रेकफास्ट करने के बाद से ही बच्चों को पढ़ाना शुरू कर देती हैं। इसके लिए वह अपने बंगले के गार्डन में क्लास लगाती है। दोपहर का खाना भी सीमा ही बच्चों को खिलाती हैं। इस काम में उनके आईएएस पति भी पूरा साथ दे रहे हैं। उन्होंने अपनी प्राइवेट कार और ड्राइवर इस काम के लिए लगा रखे हैं। ये कार बच्चों को सुबह बंग्ले तक लाती है और शाम को सुरक्षित उन्हें घर तक पहुंचाती है।

अभी तक सीमा की क्लास में 25 बच्चे हैं। लेकिन उन्हें अब चिंता है कि बच्चों की भविष्य की। इसलिए उन्होंने अपने पति से बच्चों का किसी अच्छे स्कूल में एड़मिशन कराने की बात कही है।

ये बच्चे सीमा गुप्ता को सिर्फ एक टीचर नहीं बल्कि मां मानते हैं। जिन्होंने उनकी जिंदगी में रोशनी की एक किरण दिखाई है।

 

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